May 22, 2024

अमीरों की तरह गरीब भी फूलों के गुलदस्ते से शादी की सालगिरह पर अपने परिवार को देंगे शुभकामनाएं. हेलमेट मैन ऑफ इंडिया राघवेद्र कुमार

1 min read

अमीरों की तरह गरीब भी फूलों के गुलदस्ते से शादी की सालगिरह पर अपने परिवार को देंगे शुभकामनाएं. हेलमेट मैन ऑफ इंडिया की पहल को आज सुबह ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिकारी आईएएस आनंद वर्धन एवं लेफ्टिनेंट जनरल डॉक्टर आशीष रंजन ने फीता काटकर शुभारंभ किया. आनंद वर्धन ने हेलमेट मैन ऑफ इंडिया राघवेन्द्र कुमार के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हों ने कहा हेलमेट मैन बच्चों का भविष्य बचाने का कार्य कर रहे है और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण हमेशा इनके साथ है.


बुके बनाकर देने वाले ओमप्रकाश सिसोदिया और जयप्रकाश सिसोदिया ने कहा कोई भी व्यक्ति इस सुविधा का लाभ सुबह 7 बजे से लेकर शाम 7 बजे तक ले सकता है. इसकी शुरुआत ओमेगा सेक्टर यमुना प्राधिकरण ऑफिस के सामने AWHO मोड़ पर की गई है. कोई भी परिवार बिना पैसे दिए निशुल्क बुके ले जा सकता है और अपनी शादी की सालगिरह पर खुशियां मना सकता है इसके लिए अपने बच्चे को हेलमेट पहनाकर और साथ में खुद हेलमेट पहनकर आना है.

इसका मुख्य उद्देश्य भारत के सामान्य परिवार तक सड़क सुरक्षा का संदेश एवं चार साल से ऊपर छोटे बच्चों को हेलमेट पहना कर बचपन से जागरूकता बढ़ाना है. लेफ्टिनेंट जनरल आशीष रंजन ने कहा बिना हेलमेट के सड़को पर अधिकतर माता-पिता अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने जाते है, इन गलतियों की वजह से आए दिन सड़कों पर हो रहे हादसे में बच्चों के साथ माता पिता को भी अपनी जान गंवानी पड़ रही है. हेलमेट मैन ऑफ इंडिया ने कहा अगर बच्चों को बचपन से ही हेलमेट देकर उसका महत्व समझा दिया जाए. भविष्य में बच्चे बड़े होकर अपने माता पिता की तरह गलतियां नहीं करेंगे और बच्चों द्वारा समझाई गई बात उनके माता-पिता भी नहीं टाल सकते. इसीलिए सड़क सुरक्षा के नियमो की जागरूकता आज भारत में बड़ो के साथ छोटे बच्चों को बचपन से देना आवश्यक हो चूका है.

अपने दोस्त की मौत के बाद 56 हजार फ्री हेलमेट बाट कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बना चुके हेलमेट मैन ऑफ इंडिया राघवेन्द्र कुमार के निर्देश पर वर्ष 2019 में बच्चों के लिए कानून बन गया था. लेकिन सड़कों पर टू व्हीलर चलाने वालों को आज भी अपने बच्चों के सुरक्षा के प्रति इस कानून की जानकारी प्राप्त नहीं है. हेलमेट मैन का प्रयास है भारत के सभी प्राइवेट स्कूल में बच्चों को एक हेलमेट देने का नियम लागू कर देना चाहिए जहां स्कूल से ही झोले बैग ड्रेस लेना अनिवार्य है.

फिलहाल भारत द्वारा बनाए गए सभी सड़क सुरक्षा के नियम एवं कानून जानकारियां लोगो तक पहुंचाने के लिए सभी सड़कों पर लगे हुए प्रचारक होर्डिंग पर उनमें से कुछ छोटा स्पेस 10% जगह मे सड़क सुरक्षा का संदेश सरकार को अनिवार्य कर देना चाहिए. इससे लोगों में हेलमेट और सीट बेल्ट लगाने को लेकर सड़कों पर जागरूकता बढ़ेगी. हेलमेट मैन इस नियम को लागू करने के लिए सभी विभाग को पत्र एवं ईमेल द्वारा संदेश भेज रहे हैं.

कादिर खान वरिष्ठ पत्रकार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed