May 20, 2024

असामाजिक तत्वों पर सतत कड़ी निगरानी रखने एवं अफवाहों का त्वरित खंडन करने का पदाधिकारियों को दिया गया निदेश एवं सभी थानाध्यक्ष पंडालों का भ्रमण करेंगे; जुलूसों के साथ थाना की एस्कॉर्ट पार्टी चलेगी; क्यूआरटी नियमित गश्ती करेगीः एसएसपी

1 min read


==================₹

दुर्गा पूजा के अवसर पर विधि-व्यवस्था संधारण हेतु डीएम व एसएसपी की अध्यक्षता में बैठक

आसूचना तंत्र को सुदृढ़ एवं सक्रिय रखें, संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कतामूलक कार्रवाई करेंः डीएम व एसएसपी ने दिया निदेश

पूजा समितियों से निरंतर समन्वय बनाएँ रखें; सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ सार्थक संवाद कायम रखेंः डीएम ने क्षेत्रीय पदाधिकारियों को दिया निदेश

ड्रोन से रखी जाएगी गतिविधियों पर नजर; सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल रहेगा 24×7 क्रियाशीलः डीएम

जिलाधिकारी ने प्रखंड, अनुमंडल तथा जिला-स्तरीय सभी पदाधिकारियों के अवकाश पर तत्काल प्रभाव से लगाया रोक

उत्कृष्ट भीड़-प्रबंधन, सुगम यातायात एवं सुदृढ़ विधि-व्यवस्था संधारण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता; सभी पदाधिकारी इसके लिए सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहेंः डीएम व एसएसपी

पटना, सोमवार, दिनांक 09.10.2023ः- जिला पदाधिकारी, पटना डॉ. चन्द्रशेखर सिंह एवं वरीय पुलिस अधीक्षक, पटना श्री राजीव मिश्रा ने कहा है कि दुर्गा पूजा, 2023 के अवसर उत्कृष्ट भीड़-प्रबंधन, सुगम यातायात तथा सुदृढ़ विधि-व्यवस्था संधारण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी पदाधिकारी इसके लिए सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहें। अधिकारीद्वय आज समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में इस विषय पर आयोजित एक बैठक में पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। डीएम डॉ. सिंह व एसएसपी श्री मिश्रा ने कहा कि पदाधिकारीगण आसूचना तंत्र को सुदृढ़ एवं सक्रिय रखेंगे तथा संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कतामूलक कार्रवाई करेंगे।

डीएम डॉ. सिंह व एसएसपी श्री मिश्रा ने कहा कि इस वर्ष दिनांक 15 अक्टूबर (रविवार) को शारदीय नवरात्रा की कलश स्थापना होगी। दिनांक 21, 22 एवं 23 अक्टूबर को क्रमशः सप्तमी, महाअष्टमी एवं महानवमी मनाया जाएगा। 24 अक्टूबर को दशहरा (विजयादशमी) है। अधिकारीद्वय ने कहा कि इन सबके मद्देनजर सुदृढ़ प्रशासनिक तैयारी सुनिश्चित रहनी चाहिए। विधि-व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता है। डीएम डॉ. सिंह व एसएसपी श्री मिश्रा ने कहा कि जिला स्तर से मुख्य-मुख्य स्थलों पर दंडाधिकारियों तथा पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। सभी अनुमंडल पदाधिकारी तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सार्वजनिक स्थलों पर भीड़-नियंत्रण के मानकों के अनुसार क्षेत्रीय आवश्यकता का आकलन करते हुए दण्डाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की अतिरिक्त प्रतिनियुक्ति करेंगे।

बैठक में जिला पदाधिकारी द्वारा विभिन्न दुर्गा पूजा समितियों के प्रतिनिधियों के साथ विमर्श किया गया तथा पदाधिकारियों को आवश्यक निदेश दिया गया।

डीएम डॉ. सिंह व एसएसपी श्री मिश्रा ने अनुमंडलवार तैयारियों की समीक्षा की। अधिकारीद्वय ने अनुमंडल पदाधिकारियों एवं अपर पुलिस अधीक्षकों/अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को ससमय शांति समिति की बैठक आयोजित करने का निदेश दिया। सभी पदाधिकारी संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतेंगे तथा असामाजिक तत्वों के विरूद्ध निरोधात्मक एवं दण्डात्मक कार्रवाई करेंगे। कॉम्युनिकेशन प्लान सुनिश्चित कर विधि-व्यवस्था का संधारण करेंगे।

डीएम डॉ. सिंह व एसएसपी श्री मिश्रा ने सभी पदाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पर्व-त्योहार के मद्देनजर असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखें। सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल को क्रियाशील रखें तथा अफवाहों का त्वरित खंडन करें।

डीएम डॉ. सिंह ने क्षेत्रीय पदाधिकारियों को निदेश दिया कि पूजा समितियों से निरंतर समन्वय बनाएँ रखें तथा सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ सार्थक संवाद कायम रखें। भीड़ की गतिविधियों पर सीसीटीवी से निगरानी करें तथा इस आशय का फ्लेक्स/बैनर जगह-जगह प्रदर्शित करें कि आप सीसीटीवी की नजर में हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम(क्यूआरटी) एवं क्विक मेडिकल रिस्पांस टीम(क्यूएमआरटी) तैनात रखें। मद्य-निषेध अधिनियम का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख़्त कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा में ड्रोन से गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।

डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि पूजा स्थलों पर महिलाओं एवं पुरूषों के लिए अलग-अलग पंक्ति बनाना आवश्यक है ताकि श्रद्धालुओं को भी कोई समस्या न हो तथा भीड़ प्रबंधन एवं विधि-व्यवस्था संधारण भी सुगमता से किया जा सके। सभी संबंधित पदाधिकारी पूजा समितियों से समन्वय कर इसे सुनिश्चित करेंगे।

एसएसपी श्री मिश्रा ने निदेश दिया कि सभी थानाध्यक्ष पंडालों का भ्रमण करेंगे। क्यूआरटी नियमित गश्ती करेगी। सभी जुलूस के साथ थाना की एस्कॉर्ट पार्टी चलेगी।

विदित हो कि दुर्गापूजा के आयोजन के क्रम में जनहित एवं आम जनता की व्यापक सुरक्षा के दृष्टिकोण से आवश्यक दिशा-निर्देश दुर्गापूजा के आयोजकों/व्यवस्थापकों को दिये गये हैं जो निम्नलिखित हैः-

  1. पूजा पंडाल में विधिवत अस्थायी विद्युत सम्बद्धता अवश्य लें एवं पंडाल का निर्माण विद्युत तारों से सुरक्षित दूरी पर ही करें जिसे विद्युत अधिनियमों का उल्लंघन नहीं हो।
  2. पंडालों की मजबूती का विधिवत जाँच करायी जाए।
  3. पूजा पंडाल के निर्माण में अग्नि सुरक्षा नियमों एवं मानकों का अनुपालन किया जाए।
  4. पंडाल निर्माण के संबंध में सड़क, जलापूर्ति निकासी, टेलीफोन, बिजली के केबुल तथा सरकारी एवं लोक सम्पत्ति को क्षति न पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाय।
  5. पंडाल निर्माण के क्रम में इस बात का ध्यान रखा जाय कि यातायात व्यवस्था प्रतिकूल ढंग से प्रभावित नहीं हो। वाहनों का परिचालन सजावटों के कारण प्रभावित न हो।

6- ध्वनि प्रदूषण यथा लाउडस्पीकर के संबंध में नियमों का अनुपालन किया जाय।

डीएम डॉ. सिंह व एसएसपी श्री मिश्रा ने कहा कि जनहित में ऐसा किया जाना आवश्यक है तथा इसकी अनुपालन न होने की स्थिति में सभी क्षतियों एवं परिणामों की जिम्मेवारी आयोजकों/व्यवस्थापकों/समितियों की होगी। विधिवत निर्माण हेतु आवश्यक अनापत्ति प्रमाण-पत्र सम्बद्ध विभाग से प्राप्त कर लेना आवश्यक है।

=========================

जल(प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1974; बिहार (पूजा के उपरांत मूर्ति विसर्जन प्रक्रिया) नियमावली, 2021; ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली, 2016 में वर्णित प्रावधानों तथा केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण पर्षद, नई दिल्ली द्वारा निर्धारित दिशा-निदेशों का अक्षरशः अनुपालन अनिवार्यः डीएम

डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि पंडाल का निर्माण तथा प्रतिमा विसर्जन हेतु निर्धारित मानकों का अनुपालन अनिवार्य है। बिहार (पूजा के उपरांत मूर्ति विसर्जन प्रक्रिया) नियमावली, 2021 में वर्णित प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित कराएँ। इसके तहत मूर्ति की अधिकतम ऊँचाई 20 फीट तथा ऊपरी संरचना की ऊँचाई 40 फीट तक ही सीमित रखा जाना है। विद्युत विभाग के अभियंताओं को सुनिश्चित करना होगा कि पूजा पंडालों में कहीं भी लूज वायर न रहे। नगर निगम, नगर परिषद् तथा नगर पंचायत अपने-अपने कार्यक्षेत्र में साफ-सफाई एवं प्रकाश की उत्तम व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। नगर निकायों का 24×7 डेडिकेटेड टीम क्रियाशील रहे। शौचालय एवं पेयजल की बेहतर सुविधा सुनिश्चित की जाए। विद्युत अभियंता निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे।

डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि पूजा आयोजन हेतु शत-प्रतिशत तथा ससमय अनुज्ञप्ति निर्गत/नवीकरण कराना सुनिश्चित करेंगे। अनुज्ञप्ति में अंकित स्थल एवं मूर्ति विसर्जन मार्ग का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन भी सुनिश्चित करेंगे। संबंधित पूजा समितियों द्वारा बनाए जाने वाले पंडालों तथा इनमें पूजन हेतु स्थापित की जाने वाली मूर्तियों की ऊँचाई क्रमशः 40 फीट तथा 20 फीट से ज्यादा न हो तथा उक्त नियमावली के अनुपालन में हो। पंडालों के पास सीसीटीवी की व्यवस्था रहनी चाहिए। आयोजन एवं पंडाल की अनुज्ञप्ति में ही यह शर्त प्रविष्ट करेंगे कि पूजा समिति के आयोजक पूजा पंडालों में चिन्हित स्थानों पर सी.सी.टी.वी. कैमरों का अस्थायी रूप से अधिष्ठापन करवायेंगें ताकि भीड़ की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा सके। किसी भी प्रकार के अफवाह से बचने तथा सोशल मीडिया पर भी अफवाहों से बचने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ ही माईकिंग भी कराया जाय। अफवाह फैलाने वाले असामाजिक तत्वों के विरूद्ध सुसंगत धाराओं के अंतर्गत नियमानुसार कार्रवाई भी सुनिश्चित करेंगे। आपतिजनक स्लोगन, कार्टून इत्यादि पर रोक है। इसे सभी पदाधिकारी सख्ती से सुनिश्चित करेंगे।

डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि जल(प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1974 के अनुसार मूर्ति विसर्जन कृत्रिम तालाबों में होगा। किसी भी प्रवाह में मूर्ति विसर्जन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। मूर्ति विसर्जन के संबंध में केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण पर्षद, नई दिल्ली द्वारा निर्धारित दिशा-निदेशों का अक्षरशः अनुपालन करना होगा। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली, 2016 के अनुसार मूर्तियों के विसर्जन से पहले जैव-विघटनीय सामग्रियाँ निपटान के लिए अलग से एकत्र की जाए। सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल मूर्ति विसर्जन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पूजा समितियों को उनके इस दायित्व से अवगत करा दिया जाए। मूर्ति विसर्जन के मार्ग का निर्धारण कर लिया जाए। मूर्ति विसर्जन हेतु कृत्रिम घाटों का स्थल निरीक्षण अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुनिश्चित करेंगे। जुलूस मार्ग एवं घाटों को अतिक्रमणमुक्त रखें।

डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि विसर्जन जुलूस एवं विसर्जन स्थल पर आतिशबाजी पर रोक है। सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी इसका अनुपालन कराएंगे।

डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि विसर्जन के दिन नदी में बिना अनुमति के नाव परिचालन पर रोक रहेगी।आपदा प्रबंधन तंत्र पूर्णतः सक्रिय रहेगी। एसडीआरएफ एवं एनडीआरएफ की प्रतिनियुक्ति की जाएगी।

डीएम डॉ. सिंह व एसएसपी श्री मिश्रा ने कहा कि रात्रि 10 बजे से सुबह 06.00 बजे तक लाउडस्पीकर पर रोक है। साथ ही जुलूस में डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध है। इसे सुनिश्चित किया जाए।

डीएम डॉ. व एसएसपी श्री मिश्रा ने कहा कि विजयादशमी के दिन गाँधी मैदान, पटना के साथ-साथ जिले में अन्य स्थानों पर भी रावण वध कार्यक्रम आयोजित होता है। सभी क्षेत्रीय पदाधिकारी इस अवसर पर दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति के साथ विधिवत ढंग से प्रशासनिक व्यवस्था करेंगे।

नगर आयुक्त, पटना नगर निगम श्री अनिमेष कुमार पराशर ने कहा कि दुर्गा पूजा में साफ-सफाई एवं प्रकाश की समुचित व्यवस्था रहेगी। जुलूस के मार्ग में कोई भी डार्क स्पॉट नहीं रहेगा। नगर कार्यपालक पदाधिकारियों के नेतृत्व में अंचलवार डेडिकेटेड टीम 24×7 सक्रिय रहेगा।

डीएम डॉ. सिंह ने निदेश दिया कि अनुमंडल स्तरों पर नियंत्रण कक्ष का गठन करेंगे। नियंत्रण कक्ष में प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों/पुलिस पदाधिकारियों/कर्मियों के अतिरिक्त क्विक रिसपॉन्स टीम (क्यू.आर.टी) का भी गठन करें ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनका उपयोग किया जा सके।

डीएम डॉ. सिंह व एसएसपी श्री मिश्रा ने कहा है कि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकना प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी/थानाध्यक्ष/सीओ/एसडीओ/एसडीपीओ की विशेष जिम्मेवारी है। थानाध्यक्षों एवं अन्य पदाधिकारियों को आसूचना तंत्र को सुदृढ़ कर विधि-व्यवस्था संधारण को सफल बनाने का निदेश दिया गया है। थानाध्यक्ष अपने-अपने इलाके में विधि-व्यवस्था के लिए पूर्ण रूप से उत्तरदायी हैं।

  • दुर्गापूजा के अवसर पर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। महाप्रबंधक, पेसू शहरी क्षेत्रों में तथा अधीक्षण अभियंता, विद्युत आपूर्ति, ग्रामीण क्षेत्र ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे।
  • पुलिस अधीक्षक यातायात उत्कृष्ट यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करेंगे। साथ ही तैयार किए गए यातायात प्लान को आम जनों की सुविधा के लिए समाचार पत्रों में प्रकाशित कराएंगे।
  • दुर्गापूजा के अवसर पर आकस्मिक स्थिति से निपटने हेतु डॉक्टर, पारा मेडिकल स्टाफ एवं आवश्यक जीवन रक्षक दवाओं के साथ एम्बुलेंस सिविल सर्जन प्रतिनियुक्त करेंगे।
  • जिला अग्निशमन पदाधिकारी, पटना को निर्देशित किया गया कि दुर्गापूजा के अवसर पर आकस्मिक स्थिति से निपटने हेतु फायर दस्ता प्रतिनियुक्त करना सुनिश्चित करेंगे।

डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि आगामी पर्व-त्योहार के मद्देनजर जिला/अनुमंडल/प्रखंड-स्तरीय सभी पदाधिकारियों/तकनीकी पदाधिकारियों/पर्यवेक्षीय स्तर के पदाधिकारियों के अवकाश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाती है। विशेष परिस्थिति में पदाधिकारी अवकाश का आवेदन उचित माध्यम से तथा स्पष्ट कारण बताते हुए जिला पदाधिकारी को समर्पित करेंगे। जिला पदाधिकारी से अनुमति प्राप्त होने के उपरांत ही पदाधिकारी मुख्यालय छोड़ेंगे।

डीएम डॉ. सिंह व एसएसपी श्री मिश्रा ने कहा कि सभी क्षेत्रीय पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में सतत भ्रमणशील रहें।

बैठक में सभी नगर पुलिस अधीक्षक, अपर जिला दण्डाधिकारी विधि-व्यवस्था, अपर समाहर्त्ता आपदा प्रबंधन, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, अनुमंडल पदाधिकारी पटना सदर, कार्यपालक पदाधिकारी, नूतन राजधानी अंचल, पटना नगर निगम, विद्युत कार्यपालक अभियंता, कार्यपालक अभियंता, पीएचईडी, दुर्गा पूजा समितियों के प्रतिनिधि सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित थे। साथ ही सभी अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी एवं अन्य सभी क्षेत्रीय पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े हुए थे।

डीपीआरओ, पटना

अकबर ईमाम एडिटर ईन चीफ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed